पदोन्नति नहीं है विसंगति का समाधान – शिव सारथी : मनीष मिश्रा को बताया सपनो का सौदागर
पदोन्नति नहीं है विसंगति का समाधान – शिव सारथी : मनीष मिश्रा को बताया सपनो का सौदागर
भुवन वर्मा बिलासपुर 11 अक्टूबर 2022

बिलासपुर :- राज्य सरकार ने लंबे इंतजार के बाद प्राथमिक शाला प्रधान पाठक पदोन्नति का द्वार खोला है जिसे लेकर प्रदेश के सहायक शिक्षकों में कहीं खुशी कहीं गम का माहौल है इस संबंध में शिक्षक नेता और सहायक शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रमुख शिव सारथी सरकार पर छलावा किए जाने का आरोप लगाया है उसका कहना है कि शासन अपने स्कूल सेटअप को दुरुस्त करने के लिए पदोन्नति का झुनझुना निकाला है उससे प्रदेश के सहायक शिक्षकों का भला नहीं होने वाला है बल्कि एक बार फिर सहायक शिक्षक विसंगति का शिकार हो रहे है।
इस सम्बन्ध में मोर्चा के नेतागण शिव सारथी,दीपक कश्यप,ऋषि राजपूत, ईश्वर साहू,शिव प्रधान,दुर्गेश सिंह राजपूत,अजय पांडेय ने संयुक्त बयान जारी करके शासन पर आरोप लगाया है कि शासन को चाहिए कि सबसे पहले सहायक शिक्षकों का वेतनमान सुधारे उन्हें समयमान वेतनमान के आधार पर 2013 की स्थिति में 6 वां वेतनमान का पुनरीक्षित वेतनमान जारी करें अर्थात 2013 से सभी सहायक शिक्षकों को 9300+4200 का वेतनमान और 2022 तक वार्षिक वेतन वृद्धि के साथ वेतनमान का निर्धारण करते हुए वेतन लाभ दे उसके बाद पदोन्नति हेतु पत्र सहायक शिक्षकों को प्रधान पाठक के पद पर पदांकित करें इससे पदोन्नत सहायक शिक्षकों के साथ पदोन्नति से वंचित सहायक शिक्षक दोनों को बराबर लाभ मिलेगा या फिर जिस तरह प्रधान पाठक वरिष्टता निर्धारण के लिए प्रथम नियुक्ति तिथि को आधार बनाया गया है वैसा है वेतनमान निर्धारण का आधार भी प्रथम नियुक्ति तिथि हो न कि शिक्षक के प्रारम्भिक से ताकि राज्यभर के सहायक शिक्षकों को उसके पूर्व सेवा का समस्त लाभ के साथ सेवा निर्वित्ती पर संपूर्ण पेंशन का लाभ भी मिल सकें।
इस सम्बन्ध में श्री शिव सारथी का शिक्षक संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों कि खामोशी पर भी गंभीर सवाल उठाया है उनकी खामोशी यह बताता है कि या तो वे निरख अज्ञानी है या जानबूझकर सहायक शिक्षकों को विसंगति के गर्त में धकेल रहे है। ऐसा की सुष्टिकरण की राजनीति पूर्व में संघीय नेताओ ने किया था जिसके दुष्परिणाम स्वरूप 2011 का क्रमोन्नत वेतनमान भूतलक्षी प्रभाव से समाप्त कर दिया गया लोग चुप थे,समयमान वेतनमान दिया गया उसके बाद उसको भी लूटकर कार्यरत पद का प्रारम्भिक वेतनमान देकर पुनरीक्षित किया गया नेता खामोश रहे,फिर 2018 में बिना पूर्व सेवा गणना के सन्विलियन दिया गया शिक्षक नेता चादर ओढ़ के सोते रहे आज भी जब वन टाईम रिलेक्सेशन देकर प्रारम्भिक वेतनमान पर प्रधान पाठक और UDT में पदोन्नति दे रहे है नेतागण मौन है और तो और जिस सहायक शिक्षक फेडरेशन को सिर्फ सहायक शिक्षकों के वेतन सम्बन्धी समस्या समाधान के चलते बनाया गया था उसके भी नेता मनीष मिश्रा सपनों का सौदागर निकला जो शासन के इशारे में काम कर रहे और सहायक शिक्षकों के साथ जबरदस्त धोखेबाजी कर रहे है साथ ही पदोन्नति की आड़ में सरकार से यारी निभा रहें है।
छग सहायक शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने सभी पदोन्नत और पदोन्नति से वंचित सहायक शिक्षकों से अपील किया है कि सरकार की इस पदोन्नति नीति का विरोध करें और पदोन्नति के साथ पूर्व सेवा गणना या समयमान वेतनमान के आधार पर सभी सहायक शिक्षकों को वेतनमान लाभ देने संबंधी मुहिम तेज करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि अगर आज नहीं जागे तो पक्का है आने वाले समय में जैसे पदोन्नत प्रधान पाठक वर्ग को चाहे वह 1998 का हो 2005,2008 या फिर उसके बाद के सभी का एक समान वेतनमान निर्धारित किया गया है वैसा ही शासन विसंगति दूर करने के बहाने वन टाईम 9300 +4200 देकर अपना पीछा छुड़ाने का प्रयास करेगा और हम पूर्व की भांति हाथ मलते रहेंगे।
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