रामन लोक कला महोत्सव : शिक्षा के साथ संस्कृति ,जीवन को श्रेष्ठता की ओर ले जाती है-आलोक : वनांचल,ग्रामीण क्षेत्र के लोग, विद्यार्थी सहित शहरी लोग पहुचे बड़ी संख्या में
रामन लोक कला महोत्सव : शिक्षा के साथ संस्कृति ,जीवन को श्रेष्ठता की ओर ले जाती है-आलोक : वनांचल,ग्रामीण क्षेत्र के लोग, विद्यार्थी सहित शहरी लोग पहुचे बड़ी संख्या में
भुवन वर्मा बिलासपुर 22 अप्रैल 2022

रामन लोक कला महोत्सव के मुख्य अतिथि एसईसीआर के महाप्रबंधक आलोक कुमार रहे
बिलासपुर। डॉ सी. वी. रामन विश्वविद्यालय में चल रहे रामन लोक कला महोत्सव के दूसरे दिन महोत्सव में भारी भीड़ रही उमड़ी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभागों द्वारा सभी प्रदर्षनी में जानकारी लेने युवा विद्यार्थी और अचंल के लोग यहां पहुंचे। इसी तरह केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार व स्थानीय निकाय के द्वारा लगाए गए प्रदर्षनी में भी लोग जानकारियां लेते रहे। दूसरी ओर खाई खजाना स्टॉल में सैकड़ों लोगों ने छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का चटकारा लिया। आयोजन के दूसरे दिन आज करमा नृत्य, पंडवानी, डंडा नृत्य धुरवा मड़ई नृत्य और भरथरी की शानदार प्रस्तुतियां हुई जिसे सभी ने सराहा।

दूसरे दिन आयोजन के मुख्य अतिथि एसईसीआर के महाप्रबंधक आलोक कुमार ने कहा कि संस्कृति का सीधा तालमेल जीवन होता है, जो जीवन संस्कृति से जुड़ा होता है वो उच्च स्तर तक जाता है। उच्च स्तर तक जाने के लिए षिक्षा की जरूरत भी होती है। इसलिए षिक्षा में संस्कृति का होना जरूरी हैं। उन्होने कहा कि विष्वविद्यालय की दूर दूरदर्षिता का परिचय देता है कि संस्कृति और षिक्षा के आयोजन यहां हो रहे हैं। ऐसे आयोजन से प्रबंधन स्थानीयता से जुड़ता है, जिससे सकारात्मक उर्जा का संचार होता है साथ ही साथ ही विद्यार्थी भी रूटिन से हटते है और माहौल बदलता है जो उन्हें रचनाषीलता की ओर ले जाता है।
कार्यक्रम के विषिश्ट अतिथि बेलतरा विधायक रजनीष सिंह ने कहा कि सीवीआरयू कला महोत्सव के माध्यम से कलाकरों को पुर्नजीर्वित करने का कार्य कर रहा है। आज हम अपनी संस्कृति को भूलकर टीवी मोबाइल में खो रहे हैं। जिसके कई दुप्रभाव जीवन में दिखाई दे रहे हैं। आने वाले दिनों में अंतर्राश्ट्रीय कलाकार यहां अपनी प्रस्तुति देंगे ऐसा मेरा विष्वास है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं।

आयोजन के अध्यक्ष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रवि प्रकाश दुबे ने कहा कि कला, संस्कृति, साहित्य, उद्योग, शोध, छत्तीसगढ़ी व्यंजन कलाकार, अतिथि और विद्यार्थी के साथ ग्रामीण अंचल के लोग एक विशेष संयोग आज यहां दिखाई पड़ रहा है। निश्चित रूप से जब इतने विचार एक जगह मिलते हैं। तो वैचारिक क्रांति आती है, मेरा विश्वास है, कि इस महोत्सव के बाद हमारे युवाओं के मन में शोध, संस्कृति, उद्योग ,एवं अन्य रास्ते खुलेंगे। जिसका लाभ विश्वविद्यालय एवं छत्तीसगढ़ को मिलेगा।
सम कुलपति डॉ जयति चटर्जी मित्रा ने वास्तव में ग्रामीण जीवन शैली, परंपरा, संस्कृति, ही जीवन का मूल आधार है , और इस शैली में जीवन जीते हुए व्यक्ति अपने गांव घर में ही आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर होता है। डॉ जयति चटर्जी ने कहा कि, शिक्षा नीति 2020 में भी स्पष्ट रूप से यह प्रावधान किया गया है, कि हम अपनी स्थानीयता के साथ पढ़ाई करें, शिक्षा में बहुत ही बुनियादी स्तर से कौशल विकास को जोड़ा गया है । इसमें संस्कृति व परंपराओं की शिक्षा को भी विशेष स्थान दिया गया है। डॉक्टर सी वी रामन विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा नीति के अनुरूप भी इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर विवि के कुलसचिव गौरव षुक्ला ने कहा कि लोक कला और परंपराओं के साथ युवा रोजगार भी प्राप्त कर सकते है। आज व्यवसायिक पाठ्यक्रम से ही रोजगार मिलता है सिर्फ यह बात सही नहीं है। लोक कलाकार वैष्विक मंच में कंपनियों ब्रांड एमबेस्डर, बड़े विज्ञापनों के आधार बनकर, कई क्षेेत्रों से जुड़कर कलाकार सुखद व सफल जीवन यापन कर रहे है। इस क्षेत्र में सम्मान भी बहुत है। युवाओं को आज अपने देष-प्रदेष की कला संस्कृति को समझने और आत्मसाध करने रोजगार में षामिल करने की जरूरत है।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ.अरविंद तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ लोक कला संस्कृति के विभिन्न विधा के कलाकारों को जो छग प्रदेष के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों मंे बसते हैं इन्हें विवि रामन लोक कला महोत्सव के माध्यम से विषिश्ट मंच प्रदान करने का कार्य कर रहा है।
डॉ सी वी रामन विश्वविद्यालय में 20 अप्रैल से चल रहे रामन लोक कला महोत्सव 2022 के दूसरे दिन आज कोटा के पूरे अंचल और वनांचल, एवं विद्यार्थियों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां विश्वविद्यालय के ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा नरवा गरवा घुरवा बाड़ी का मॉडल बनाया गया है। जिसमें कि सरकार की मंशा को बताया गया। विभाग डॉ. अनुपम तिवारी द्वारा हर्बल उत्पाद साबुन हैंडवाष फिनायल सहित मेडिसिनल प्लांट के बारे में भी जानकारी लोगों को दी गई। इसी तरह छत्तीसगढ़ी साहित्य पर केंद्रित एक विशेष स्टाल भी लगाया गया। जिसमें कि डॉ रेखा दुबे द्वारा छत्तीसगढ़ साहित्य के इतिहास, लेखन, पठन, साहित्यकारों के बारे में जानकारी दी जा रही है। विश्वविद्यालय के रसायन विभाग द्वारा वेस्ट मटेरियल से पावर जनरेशन की का मॉडल बनाया गया है। जिसमें की विभाग के अखिलेश शर्मा ने पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। इंजीनियरिंग विभाग से विद्यार्थी अनंग टडार के द्वारा बनाया गया, चश्मे का मॉडल आकर्षण का केंद्र रहा। जिसमें की नेत्रहीन व्यक्ति को पहले से सामने रूकावट का भास होगा और उसे चलने में सुविधा होगी। इस मॉडल को राष्ट्रपति द्वारा भी पुरस्कृत किया जा चुका है।
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