भुवन वर्मा, बिलासपुर 9 दिसंबर 2019

संसदीय कार्यवाही में मुखर होकर शामिल हो रहीं कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने अतारांकित प्रश्न की श्रृंखला में हैण्डीक्राफ्ट्स एंड हैण्डलूम एक्सपोर्ट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एचएचईसी) से जुड़े सवालों को उठाया। सांसद ने वस्त्र मंत्री श्रीमती स्मृति जूबिन इरानी से विभिन्न बिन्दुओं पर सवाल भी किए जिनका जवाब श्रीमती इरानी द्वारा दिया गया।
सांसद श्रीमती महंत ने वस्त्र मंत्री से जानना चाहा कि क्या मेसर्स हैण्डीक्राफ्ट्स एंड हैण्डलूम एक्सपोर्ट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एचएचईसी), मेसर्स ईपीएस लिमिटेड के अतिरिक्त अन्य छोटे बुलियन पार्टियों को लंबित भुगतान के संबंध में बेदाग और चूकरहित ट्रैक रिकार्ड वाली फर्मों के साथ दागी फार्मों को जोड़कर केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की छवि को खराब कर रहा है। सीबीआई की छवि खराब करने के लिए क्या एचएचईसी के अधिकारियों के विरूद्ध किस तरह की कार्यवाही की गई है? एचएचईसी के द्वारा सीबीआई से मांगे गए स्पष्टीकरण और उसका दिए गए जवाब का भी ब्यौरा श्रीमती महंत ने जानना चाहा।
श्रीमती महंत के सवालों के जवाब में वस्त्र मंत्री श्रीमती स्मृति इरानी ने बताया है कि सीबीआई की छवि को खराब नहीं किया जा रहा है। मेसर्स हैण्डीक्राफ्ट्स एंड हैण्डलूम एक्सपोर्ट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एचएचईसी) ने एडलवीज कमोडिटीज लि. (ईसीएल) की राशि रोक दी है। एचएचईसी ने अन्य बुलियन पार्टियों का भी भुगतान रोका है, जिनके साथ ईसीएल के समान करार हस्ताक्षरित किए हैं। ईसीएल के विरूद्ध सीबीआई जांच जारी है। जांच के दौरान सीबीआई ने एचएचईसी को 26 नवंबर 2019 को सूचित किया गया है कि एजेंसी ने उपाध्यक्ष, ईसीएल, मुंबई, एचएचईसी, नोएडा के अज्ञात अधिकारियों तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
श्रीमती इरानी ने बताया कि चूंकि ईसीएल मामले में सीबीआई द्वारा जांच अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए इस समय पर अन्य बुलियन पार्टियों को भुगतान जारी करने पर विचार करना संभव नहीं है क्योंकि ईसीएल के विरूद्ध सीबीआई मामले के प्रतिकूल परिणाम से अन्य मामलों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

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