मानसिक विकार से छुटकारा दिलाने : 27 जिलों में शुरू हुआ मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम , विशेषज्ञ चिकित्सक देंगे टेलीमेडिसिन की सुविधा
भुवन वर्मा बिलासपुर 9 अगस्त 2020

रायपुर/ भाटापारा- कोरोना काल में मानसिक रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पहली बार प्रदेश के 27 जिलों में टेलीमेडिसिन की सुविधा चालू की जा चुकी है। यह सुविधा मानसिक चिकित्सा सेवा अधिनियम-2017 के तहत दी जा रही है। क्योंकि विपदा के इस दौर में ऐसे रोगियों की संख्या बढ़ रही है जो तनाव ,अवसाद, चिड़चिड़ापन या कमजोर होती याददाश्त जैसी समस्या का सामना कर रहे हैं।
वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से निपटने की चुनौतियों के बीच कुछ ऐसी मानसिक बीमारियां तेजी से फैल रही है जिसकी चपेट में लगभग हर स्वस्थ व्यक्ति आने लगा है। यह बीमारी मानसिक स्वास्थ्य विकार के रूप में फैल रही है। बढ़ती शिकायतें और मरीजों की संख्या को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में काउंसलिंग की सुविधा दी जाने लगी है जिसमें प्रशिक्षित मनोचिकित्सक ऐसे बीमार व्यक्तियों को निशुल्क परामर्श दे रहे हैं। इससे ऐसे मरीजों को राहत मिलने की भी जानकारियां आने लगी है।
इसलिए टेलीमेडिसिन
कोरोना महामारी की वजह से जिस तरह के मानसिक स्वास्थ्य विकार के मामले सामने आ रहे हैं उनमें बुनियादी सुविधाओं की अनुपलब्धता, हाथ से छूटती नौकरी, बढ़ती वित्तीय समस्या और असुरक्षा की वजह से तनाव, अवसाद और चिड़चिड़ापन जैसी मानसिक बीमारियों के बढ़ने के मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा उच्च वर्ग में कारोबार जगत भी जबरदस्त तनाव में आ रहा है क्योंकि कारोबार को गति नहीं मिल पा रही है इससे वे कई तरह के वित्तीय समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा तनाव बैंकों से कर्ज की अदायगी की नोटिसें बढ़ा रही है।
26 जिलों में टेली क्लीनिक चालू
कोरोना काल में ऐसी समस्याओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मानसिक स्वास्थ्य सेवा अधिनियम-2017 के तहत राज्य के 26 जिलों में टेली क्लीनिक की सुविधा चालू की जा चुकी है। इन जिलों में छत्तीसगढ़ कम्युनिटी मेंटल हेल्थ केयर टेली मेंटरिंग प्रोग्राम के अंतर्गत राज्य के चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज के साथ समझौता के तहत प्रशिक्षित चिकित्सक इस तरह के रोगियों की मदद कर रहे हैं। योजना के मुताबिक दो हजार डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 550 प्रशिक्षित चिकित्सक अपनी सेवा देने लगे हैं। जबकि राज्य के 27 जिलों में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम अलग से जारी है।

भाटापारा में यह सुविधा
राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय की पहल के पहले ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ब्लॉक इकाई इस समस्या पर नजर रखे हुए थी। समय रहते आई एम ए ने ब्लॉक में टेलीमेडिसिन की सुविधा चालू कर दी है। इसमें सात विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक समूह काम कर रहा है। यह समूह पहुंच रहे टेलीफोन या मोबाइल कॉल पर ऐसी समस्याओं के निदान में ऐसे मरीजों को निशुल्क परामर्श दे रहा है। आवश्यकता पड़ने पर जरूरी दवाइयों की भी जानकारी दी जा रही है।
वर्जन
वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से निपटने के बीच मानसिक स्वास्थ्य विकार भी बढ़ रहे हैं। ऐसी समस्याएं आगे चलकर गंभीर समस्या बन सकती है इसलिए मानसिक स्वास्थ्य सेवा अधिनियम-2017 के तहत प्रदेश के 27 जिलों में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसमें मनोविकार दूर करने की टेलीमेडिसिन की सुविधा दी जा रही है।
- निहारिका बारिक सिंह, सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण रायपुर
वर्जन
मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आई एम ए के 7 विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक समूह ब्लॉक स्तर पर काम कर रहा है। यहां संपर्क कर ऐसे मरीज निशुल्क चिकित्सा परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
- डॉ राजेश अवस्थी, बी एम ओ भाटापारा
About The Author


Experience the thrill of real-time multiplayer online games Lucky cola