चैत्र मास पर भाटापारा के नारायणी नवल धाम मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन

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भाटापारा।भाटापारा मे आयोजित कथा प्रसंग में श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के अंतर्गत आचार्य पंडित झम्मन शास्त्री जी महाराज ने अपने मुखारविंद से भक्ति मार्ग और गौ माता की सेवा के संबंध में लोगों को कथा सुनाते हुए महत्व बताया। वृंदावन धाम में नंद उत्सव भी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बच्चों ने दही, मक्खन लूट महिला और पुरुषों ने प्रभु के जन्म अवसर पर नाच कर भक्ति रस पाने का प्रयास किया। शास्त्री जी ने कहा कि राजा ऐसा होना चाहिए। जिससे राज्य सुख शांति और भय मुक्त जीवन व्यतीत करें। ऐसे राजाओं को स्वर्ग में जगह मिलता है। लेकिन भारत के अनेक राजाओं ने अपनी कार्यप्रणाली ऐसी रखी है। कि इंद्रदेव को भी अपनी गद्दी उनके लिए समय-समय पर त्याग्नि पड़ी आज के राजा सत्ता सिंन लोग अपनी गद्दी बचाने तरह-तरह के कार्य कर रहे हैं । उन्होंने कहा। कि यदि लोग गौ माता का संरक्षण नहीं करेंगे। मान कर चलिए गाय की विलुप्ता मानव समाज को निकल जाएगी। जो लोग गौ माता का आदर करते हैं। और उनकी सेवा करते हैं। उनके घर भगवान स्वयं पुत्र बनकर अवतरित होते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण नंद बाबा है। राज धर्म के बारे में बताते हुए महाराज श्री ने कहा कि भक्ति मार्ग और गौ माता की सेवा के संबंध में महत्व बहुत है।

आचार्य श्री शास्त्री जी कथा भाग के पंचम दिवस की कथा सुनाएं कहां की भागवत कथा आयोजन कोई मनोरंजन की वस्तु नहीं है ।यह मोक्ष और ईश्वर प्राप्ति का साधन है ।लेकिन आजकल श्रीमद् भागवत जैसे पुण्य ग्रंथ को मनोरंजन का साधन बना दिये है । व्यास पीठ के महत्व नहीं समझ पा रहे है। भागवत श्रद्धा का विषय है। इसे शुद्ध हृदय से सांसारिक बंधनों को छोड़कर सुनना चाहिए उन्होंने आगे कहा कि श्रीमद् भागवत कथा को सुनने और सुनने वाले दोनों को इसके प्रति अटूट आस्था और प्रेम होना चाहिए। तभी आयोजन की सार्थकता है। व्यास जी कथा वाचक ने कहा कि हमें प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करने की आवश्यकता है। एवं सप्ताह में एक दिन सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ हो कथा के बीच मे वृंदावन धाम मे नन्द उत्सव भी धूमधाम से मनायागया इस मौके पर बच्चो ने दही मक्खन लूटकर भगवान श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव मनाया पंजीरी, पंचामृत ,माखन मिश्री,का प्रसाद बाटी गई उत्सव के पश्चात भगवान की महा आरती की गई समस्त भक्तो के द्वारा

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