साहित्य सृजन परिषद 24 वा स्थापना दिवस पर: पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी, चंद्रिका कुशवाहा प्रेम नारायण मौर्य को पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी पत्रकारिता सम्मान
सम्मान जिनका हुआ – डॉ. नलिनी श्रीवास्तव, प्रेम नारायण मौर्य और चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा
भिलाई – दुर्ग ‘ साहित्य सृजन परिषद् ‘ के 24वें स्थापना दिवस में इस वर्ष का ‘ सृजन अलंकरण सम्मान ‘ देश की सुप्रसिद्ध कथाकारा डॉ. नलिनी श्रीवास्तव को दिया गया.
साथ में पत्रकारिता में दो महत्त्वपूर्ण सम्मान और भी दिया गया. दैनिक ‘ किरणदूत ‘ के प्रधानसंपादक प्रेम नारायण मौर्य को पद्मश्री पं. श्यामलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता सम्मान एवं दैनिक ‘ अमर स्तम्भ ‘ के स्थानीय संपादक चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा को पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी पत्रकारिता सम्मान से नवाजा गया. तीनों सम्मानित जनों को शॉल, श्रीफल, सम्मानपत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया.
सम्मान सत्र के मुख्यअतिथि कथाकार व पत्रकार शिवनाथ शुक्ल और कार्यक्रम अध्यक्ष आचार्य पं. डॉ. महेशचंद्र शर्मा थे. डी के एस रायपुर के संयुक्त प्रोफेसर डॉ. विश्वमित्र बी. दयाल और दैनिक ‘ अमर स्तम्भ ‘ के प्रबंध संपादक नरेंद्र मिश्र विशिष्ट अतिथि थे. साहित्य सृजन परिषद् ‘ के अध्यक्ष एन. एल. मौर्य ‘ प्रीतम ‘ ने स्वागत वक्तव्य देते हुए कहा-

👉 सम्मान जिनका हुआ – डॉ. नलिनी श्रीवास्तव, प्रेम नारायण मौर्य और चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा
भिलाई – दुर्ग [छत्तीसगढ़ आसपास न्यूज़ : रपट, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘ सब्र ‘]: ‘ साहित्य सृजन परिषद् ‘ के 24वें स्थापना दिवस में इस वर्ष का ‘ सृजन अलंकरण सम्मान ‘ देश की सुप्रसिद्ध कथाकारा डॉ. नलिनी श्रीवास्तव को दिया गया.
साथ में पत्रकारिता में दो महत्त्वपूर्ण सम्मान और भी दिया गया. दैनिक ‘ किरणदूत ‘ के प्रधानसंपादक प्रेम नारायण मौर्य को पद्मश्री पं. श्यामलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता सम्मान एवं दैनिक ‘ अमर स्तम्भ ‘ के स्थानीय संपादक चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा को पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी पत्रकारिता सम्मान से नवाजा गया. तीनों सम्मानित जनों को शॉल, श्रीफल, सम्मानपत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया.
सम्मान सत्र के मुख्यअतिथि कथाकार व पत्रकार शिवनाथ शुक्ल और कार्यक्रम अध्यक्ष आचार्य पं. डॉ. महेशचंद्र शर्मा थे. डी के एस रायपुर के संयुक्त प्रोफेसर डॉ. विश्वमित्र बी. दयाल और दैनिक ‘ अमर स्तम्भ ‘ के प्रबंध संपादक नरेंद्र मिश्र विशिष्ट अतिथि थे.
‘ साहित्य सृजन परिषद् ‘ के अध्यक्ष एन. एल. मौर्य ‘ प्रीतम ‘ ने स्वागत वक्तव्य देते हुए कहा-
कवि बम भोले शंकर, नारद मुनि पहले पत्रकार, यही विचारे, प्रकृति के करीब, बहुत करीब पहुँच, मानव में पुन: स्वर्गिक वातावरण उतारे, ये ही नैतिक दायित्व है हमारे.
▪️ ‘साहित्य सृजन परिषद् ‘ का 24वां स्थापना दिवस
▪️ ‘साहित्य सृजन परिषद् ‘ के अध्यक्ष एन एल मौर्य ‘ प्रीतम ‘ स्वागत भाषण देते हुए…
सम्मानित होने वाले डॉ. नलिनी श्रीवास्तव, प्रेम नारायण मौर्य और चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा ने कहा-
आज सृजन अलंकरण और पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित होने पर हम अभिभूत हैं.
शिवनाथ शुक्ल ने कहा-
‘साहित्य सृजन परिषद् ‘ के कवि और साहित्यकारों में चेतना व राष्ट्रीयता की वही धार है, जो द्विवेदी और जयशंकर प्रसाद के युग में थी. देश की आजादी व राष्ट्रीय एकता में हिंदी साहित्य की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है. हम सब अपनी लेखनी से चेतना व सद्भाव का प्रकाश फैलाएं ताकि आने वाली पीढी़ का पथ प्रशस्त हो.
डॉ. महेशचंद्र शर्मा ने
सारगर्भित उद्बोधन में उपस्थित कवि, साहित्यकारों एवं पत्रकारों का वात्सल्यता के शब्दों से पीठ थपथपाया तथा साहित्य के सेतु बंध से कुरुतियों के उन्मूलन हेतु प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत किए.

👉 सम्मान सत्र में उपस्थित साहित्यकार पत्रकार और लेखक
सम्मान सत्र का संचालन ‘ साहित्य सृजन परिषद् ‘ की उपाध्यक्ष नीता कम्बोज ‘ शीरी और आभार व्यक्त परिषद् के महासचिव ओमवीर करण ने किया.
▪️ दूसरा काव्यपाठ सत्र –
इस सत्र के मुख्यअतिथि शिवनाथ शुक्ल और अध्यक्षता जनाब डॉ. रौनक जमाल ने किया. संचालन नीता कम्बोज ‘ शीरी’ ने किया.

👉 काव्यपाठ सत्र के अतिथि और कवितापाठ करते हुए ‘ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य
सरस्वती वंदना मोहम्मद हुसैन, ‘ साहित्य सृजन परिषद् ‘ की उपाध्यक्षा नीलम जायसवाल, ‘ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य, ‘ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ संचालक मंडल के सदस्य प्रकाशचंद्र मण्डल, जितेंद्र कुमार वर्मा
वैद्य, ‘ साहित्य सृजन परिषद् ‘ की कोषाध्यक्ष श्रीमती माला सिंह, विजय कुमार, हाजी रियाज खान गौहर, इस्माइल आजाद, चंद्र कुमार बर्मन, श्रीमती छाया, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, डॉ. नीलकंठ देवांगन, डॉ. दीनदयाल साहू, गजेंद्र द्विवेदी, लालजी साहू, नावेद रजा दुर्गवी, एन के अर्चित, ओमवीर करण, श्रीमती मंजू लता, मोहम्मद अबू तारिक, टी आर कोशरिया ‘ अलकहरा’,प्रदीप कुमार पाण्डेय, शुचि भवि, ‘ साहित्य सृजन परिषद् ‘ के सचिव टी एन कुशवाहा ‘ अंजन ‘सोनिया सोनी और ‘ साहित्य सृजन परिषद् ‘ के मीडिया प्रभारी डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘ सब्र ‘.
इस अवसर पर शिवनाथ शुक्ल, जनाब रौनक जमाल, नेबुलाल मौर्य ‘ प्रीतम ‘ और नीता कम्बोज ‘ शीरी ‘ ने काव्यपाठ किया.
विशेष रूप से उपस्थित रहे ‘ साहित्य सृजन परिषद् ‘ के संरक्षक राजकुमार भल्ला, श्रीमती यशोदा जायसवाल, आर के साहू, जनकलाल साहू, ए पी निर्मलकर और ‘ छत्तीसगढ़ प्रभात ‘ के संपादक रमेश भगत.
काव्यपाठ सत्र का आभार व्यक्त माला सिंह ने की.


▪️ ‘सृजन अलंकरण ‘से सम्मानित होती देश की लोकप्रिय कथाकारा डॉ. नलिनी श्रीवास्तव
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