कम्प्यूटर साइंस विभाग का ए.आई-एम.एल तथा आई.ओ.टी. से संबंधी उत्कृष्टता केन्द्र: छ.ग. शासन के स्कूल शिक्षा विभाग को करेगा सहायता – विभाग द्वारा स्थापित

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कम्प्यूटर साइंस विभाग का ए.आई-एम.एल तथा आई.ओ.टी. से संबंधी उत्कृष्टता केन्द्र: छ.ग. शासन के स्कूल शिक्षा विभाग को करेगा सहायता – विभाग द्वारा स्थापित

भुवन वर्मा बिलासपुर 14 सितंबर 2023

बिलासपुर।ए.आई.-एम.एल. एवं आई.ओ.टी. से संबंधी उत्ष्टता केंद्र में उपलब्ध विभिन्न उपकरणों के प्रयोग हेतु विभाग द्वारा 11-14 सितंबर, 2023 तक 04 दिवसीय कार्यशाला जिसका शीर्षक ए.आई.-एम.एल. एवं आई.ओ.टी. है, प्रारंभ किया गया। कार्यशाला में विभाग के विभिन्न सेमेस्टर के 220 छात्र सम्मिलित हुए। छात्रों ने विषय विशेषज्ञों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग एवं आई.ओ.टी. से संबंधी विभिन्न प्रयोग किये जिसमें कृषि, चिकित्सा एवं अन्य क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका से संबंधी प्रयोग सम्मिलित थे। कार्यशाला हेतु 04 विशेषज्ञ जो इंदौर से आये थे के द्वारा कार्यशाला में व्याख्यान दिये गये एवं हेड्स-ऑन प्रेक्टिस कराया गया।
छात्रों ने पहली बार इन सभी उपकरणों पर अपना प्रयोग किया एवं वे अति उत्साहित थे, उल्लेखनीय है कि विभाग द्वारा इस तरह की यह पहली उत्कृष्टता केन्द्र राज्य में स्थापित किया गया है जिससे आर्टीफिशियल इंटलीजेंस से संबंधी प्रयोग एवं शोध किये जा सकेंगे। इस प्रयोगशाला के पश्चात विभाग के छात्र समूह बनाकर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित स्मार्ट इंडिया हैकाथान हेतु संस्था स्तर की प्रतियोगिता आयोजित कर रहे हैं तथा श्रेष्ठ टीम का चयन कर 30 सितंबर 2023 तक स्मार्ट इंडिया हैकाथान में अपना नामांकन करेंगे।विदित हो, कि पिछले वर्ष भी संस्था स्मार्ट इंडिया हैकाथान में प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित हुआ था। उन्नत तकनीक से संबंधी इस 04 दिवसीय कार्यशाला छात्रों हेतु बहुत लाभदायी रही तथा छात्र नये-नये प्रयोगों को जान सके तथा प्रोग्रामिंग के माध्यम से उसमें शोध एवं नवाचार कर सकेंगे। इस प्रयोगशाला का संपूर्ण आयोजन विभाग मंे 04 विभिन्न सत्रों के माध्यम से पृथक पृथक समूह में 04 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।

आज दिनांक 14/09/2023 को विभाग द्वारा आयोजित 04 दिवसीय कार्यशाला का समापन सत्र सायं 04:00बजे आयोजित किया गया है। समापन सत्र को संबोधित करते हुये विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि विभाग द्वारा उत्कृष्ट तकनीक से संबंधी उपकरणों से छात्रों को परिचय कराया गया उन्होंने इसे जाना एवं सीखा जिसमें ड्रोन टेक्नालाजी भी सम्मिलित है। उन्होंने कहा कि छ.ग. राज्य में ड्रोन टेक्नालॉजी में पहल करने वाला कम्प्यूटर साइंस विभाग सर्वप्रथम है। हम चाहते है, कि ड्रोन टेक्नालॉजी की उपयोगिता एवं प्रासंगिकता को देखते हुये इसमें 03 माह का प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम भी प्रारंभ हो ताकि ड्रोन की एसेंबली एवं उसके विकास को छात्र जान सके एवं सीख सके और इस दिशा में वे अपना कैरियर भी बना सके उन्होंने कहा कि आजकल इस तकनीक का उपयोग कृषि के क्षेत्र में बहुतायात में किया जा रहा है। आज विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति तथा छात्रों ने ड्रोन को फ्लाई करते हुए देखा तथा उसके डाटा के विश्लेषण को जाना। ड्रोन को पूरे विश्वविद्यालय परिसर में 1.2 किलोमीटर तक उड़ाया गया और डाटा का विश्लेषण भी किया गया इस अवसर पर विभाग के लगभग 200 छात्र परिसर में उपलब्ध थे। जिस ड्रोन का आज परीक्षण और डाटा संग्रहित कर विश्लेषण किया गया उसे सर्विलेंस ड्रोन कहते हैं जो वस्तुतः किसी भी परिसर में स्थित विभिन्न भू-भागों का परीक्षण कर उसका विश्लेषण करता है छात्रों ने कृषि के क्षेत्र में उपयोग में लायंे जाने वाले सेंसर का भी प्रयोग किया जिससे मिट्टी में मौजूद नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, मिट्टी की आद्रता, तापमान इत्यादि को संग्रहित कर कृषि की उत्पादकता, उर्वरता इत्यादि की भविष्यवाणी की जा सकती है। कार्यक्रम के पूर्व विभाग के विभागाध्यक्ष ने उत्कृष्टता केंद्र के उपकरणों के संबंध में जानकारी प्रदान की एवं छात्रों को इन सभी उपकरणों को पूरी तरह सीखने, प्रयोग करने एवं शोध करने हेतु आग्रह किया। समापन समारोह के अवसर पर छात्रों ने अपने 04 दिवसीय कार्यशाला में उन्नत तकनीक से संबंधी प्रायोगिक उपकरणों के संबंध में अपने अनुभव को साझा किया एवं इस प्रकार के कार्यशाला के आयोजन हेतु विभाग को धन्यवाद दिया और कहा कि अच्छे-अच्छे संस्थानों में इस तरह की सुविधा विकसित नहीं हुई है ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि इतनी उत्कृष्ट तकनीक से संबंधी उपकरण हमारे विभाग में उपलब्ध हैं इससे हमारे विभाग को प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में एक नई पहचान मिलेगी। संपूर्ण 04 दिवसीय कार्यशाला का संयोजन एवं आयोजन में ए.आई. क्लब की निम्न छात्रों की विशेष भूमिका रही रितु साहू, गीता कुमारी, श्रेया, चांदनी देवांगन। कार्यक्रम का संचालन डॉ रश्मि गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में छात्रों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया तथा ए.आई. क्लब के सदस्यों को प्रमाण पत्र का वितरण भी किया गया।

कार्यशाला का शुभारंभ दिनांक 11/09/2023 को संपन्न हुआ जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य ए.डी.एन.बाजपेयी तथा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में कार्यरत श्री एस. श्रीनिवास सम्मिलित हुए कार्यक्रम के प्रारंभ में विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एच.एस.होता ने सभी का स्वागत किया तथा कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की और कहा कि यह कार्यशाला इस उत्ष्ठता केंद्र में उपलब्ध सभी उन्नत तकनीक से संबंधी उपकरणों को जानने-समझने एवं उसके प्रयोग करने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णय के अनुसार ए.आई.-एम.एल. एवं आई.ओ.टी. से संबंधी पाठ्यक्रम स्कूल स्तर पर लागू की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि हम छत्तीसगढ़ सरकार को इस हेतु सहयोग करने, स्कूल के शिक्षकों एवं छात्रों को प्रशिक्षण देने हेतु इच्छुक हैं तथा इस हेतु शासन के निर्देशानुसार आवश्यक सहयोग करने के भी इच्छा जाहिर की।

उत्कृष्टता केंद्र में उपलब्ध उपकरणों से परिचित कराने हेतु विभाग द्वारा ए.आई.-सेंसटाइजेशन सप्ताह की शुरुआत 20/09/2023 से की जा रही है जिसके तहत 04 विभिन्न स्कूलों के 240 छात्रों को जिसमें गोद ग्राम लोफंदी के छात्र भी सम्मिलित हैं को इस सेंसटाइजेशन प्रोग्राम में आमंत्रित किया जा रहा है इस कार्यक्रम का पूरा संचालन ए.आई क्लब के छात्रों द्वारा किया जाएगा। जिससे छात्र द्वारा विभिन्न उपकरणों को संचालित करना सिखाया जाएगा।

कार्यक्रम के अतिथि कैप्टन एस श्रीनिवास के द्वारा भी संबोधित किया गया उन्होंने प्रथमतः विभाग को इस उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना हेतु बधाई प्रेषित की और कहा कि इससे बिलासपुर की नहीं पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के शोधार्थी और छात्रों को इसका लाभ मिल पाएगा एवं इस क्षेत्र में नए अविष्कार नए प्रयोग करने में यह केंद्र सहायक होगा। उन्होंने बिलासपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत आई.ओ.टी. की भूमिका को चिन्हांकित करते हुए कहा कि यहां के छात्र स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत भी इंटर्नशिप कर सकते हैं तथा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में अपना योगदान दे सकते हैं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति ने सर्वप्रथम विभाग को छात्रों हेतु कार्य करने तथा इस कार्यशाला के आयोजन हेतु बधाई प्रेषित की और कहा कि जीवन में पहली बार किसी रोबोट ने उन्हें पुष्प देकर स्वागत किया है उन्होंने उत्कृष्टता केंद्र में स्थापित उन्नत तकनीक से संबंधी उपकरणों को प्रयोग में लाने तथा इससे संबंधित नवाचार करने पर जोर दिया है और कहां की छात्र इसका संपूर्ण रूप से दोहन करें और कक्षाओं के उपरांत इस उत्कृष्टता केंद्र में बैठकर अपने आइडिया को विकसित करें और समाज की समस्याओं का अध्ययन कर ए.आई.-एम.एल एवं आई.ओ.टी. की सहायता से उसका निदान खोजने का प्रयास करे। उल्लेखनीय है की कार्यक्रम के प्रारंभ में सर्वप्रथम रोबोट ने कुलपति को पुष्प देकर उनका स्वागत किया कार्यक्रम का संचालन डॉ. रश्मि गुप्ता ने तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री जितेन्द्र कुमार ने दिया।

क्या है? ए.आई. क्लब
ए.आई.क्लब विभाग द्वारा छात्रों के समूह तथा एक शिक्षक प्रभारी को सम्मिलित करते हुये गठित एक क्लब है। जिसके तहत ए.आई. संबंधी विभिन्न गतिविधियों यथा शोध समूह के माध्यम से शोध करना, कार्यशाला, सेमीनार का आयोजन करना, स्कूलों के छात्रों को ए.आई. से परिचित कराना, प्रतिस्पर्धा का आयोजन कराना इत्यादि सम्मिलित है। यह संपूर्ण कार्य क्लब के छात्रों द्वारा शिक्षक प्रभारी के देखरेख में आयोजित किया जावेगा ताकि छात्रों में प्रशासकीय एवं शिक्षकीय गुण भी विकसित हो सके तथा विभाग में अध्ययनरत छात्रों तथा समाज के अन्य वर्गों जिसमें स्कूल के छात्र भी सम्मिलित है उन तक ए.आई. के संबंध में आवश्यक जानकारी पहुंच सके।

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