छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. एम. के. वर्मा ने किया अमृत महोत्सव का ध्वजारोहण
छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. एम. के. वर्मा ने किया अमृत महोत्सव का ध्वजारोहण
भुवन वर्मा बिलासपुर 16 अगस्त 2022

भिलाई । स्वतंत्रता दिवस की 75वें वर्षगांठ के पावन अवसर पर हमारे छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय प्रो. डॉ. एम. के. वर्मा द्वारा ध्वजारोहण किया गया, और राष्ट्रगान के साथ तिरंगे का सम्मान करते हुए सलामी दिया।



इसके पश्चात विश्वविद्यालय शिक्षण संस्थान में स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया। जिसका संचालन मि. तुलेश्वर साहु(सहायक प्राध्यापक),मि. अनिल राय ( पी.एच. डी विद्वान), मि. आकाश सिंग (बी. टेक. ए. आई. ) के द्वारा किया। जिसमें सर्वप्रथम मि.अनिल राय जी ने कार्यक्रम के शुभारंभ के लिए “छत्तीसगढ़ की राजकीय गीत” के लिए तुलेश्वर, अन्नपूर्णा, ऋतिक,वत्सल, यश, गौरव ,रूचि, सृष्टि को आमंत्रित किया, राजकीय गीत से समारोह का आयोजन किया , साथ ही वीर शहीद पुरुषों को संबोधित किया। फिर मि. आशिष बैद्य बी. टेक.ए.आई. के छात्र ने अपनी भाषण में स्वतंत्रता दिवस के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। साथ ही विश्वविद्यालय शिक्षण संस्थान के निदेशक आदरणीय डॉ. पी. के. घोष सर ने अपनी उद्बोधन में स्वतंत्रता सेनानी चन्द्रशेखर आज़ाद जी के जीवन
में घटित विशेष घटनाओं को चित्रित किया। तत् पश्चात मि.आकाश सिंग ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, डिप्लोमा के छात्र मि. आयुष पटेल को आमंत्रित किया, जिन्होंने अपनी गीत “तेरे मिट्टी में मिल जावा” से सबका मन हर लिया और रूचि शुक्ला बी.टेक.ए.आई. की छात्रा ने अपनी ओजस्वी भाषण “अपनी आजादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं, सर कटा सकते हैं, लेकिन सर झुका सकते नहीं।” के द्वारा उपस्थित शिक्षकगणों, कर्मचारी गण को हर्षोल्लास से भर दिया तथा विश्वामणि बी.टेक. ए.आई. के छात्र ने देश में हो रहे कुछ गंभीर क्षणों को विडियो और अपनी भाषण में देश की एकता और अखंडता की बात कही। इसके पश्चात ऋतिक ने अपनी कविता और गीत “जहां जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, ये भारत देश है मेरा ।” से सबका मन आकर्षित किया, अनिल राय जी ने कविता और हास्य व्यंग के साथ सबको संबोधित किया एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.के.के. वर्मा जी ने छत्तीसगढ़ की एकता और अखंडता में विस्तार से चर्चा की । इसके पश्चात मि. विनय करकसे जी ने अपनी दादा जी, जो स्वतंत्रता सेनानी थे उनको नमन किया और फिर हम सभी श्रोताओं को जिस क्षणों का इंतजार था वह क्षण आया और विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय प्रो. डॉ.एम.के. वर्मा सर ने अपनी ओजस्वी भाषण में स्वतंत्रता सेनानी की बलिदान और त्याग से हमारे हो रहे जीवन में परिवर्तन के बारे में विस्तार से चर्चा किया और देश के नव जवानों को ऊर्जा तथा शक्ति का प्रतीक बताते हुए, कहा देश के सभी नव जवानों को अपनी समाज में मिल रही स्वतंत्रताओं का हमेशा सही उपयोग करना चाहिए, और साथ ही, उन्होंने कहा अपनी मौलिक कर्तव्यों का हमेशा सही तरीके से पालन करना चाहिएं । और अंत में धन्यवाद प्रस्ताव के लिए डॉ. नचिकेत तापस सहायक प्राध्यापक (डाटा साइंस)आए और बड़ी ही शालीनता के साथ उपस्थित सभी अतिथि गण एवं शिक्षक गण एवं कर्मचारी गण तथा उपस्थित विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
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