सरकार की आस्था अंत्योदय के मूल मंत्र में है जिसमे सामाजिक न्याय भी हो , समानता भी हो , सम्मान भी हो और समान अवसर भी – महामहिम राष्ट्रपति
सरकार की आस्था अंत्योदय के मूल मंत्र में है जिसमे सामाजिक न्याय भी हो , समानता भी हो , सम्मान भी हो और समान अवसर भी – महामहिम राष्ट्रपति
भुवन वर्मा बिलासपुर 31 जनवरी 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली — मेरी सरकार देश की सुरक्षा के लिये दृढ़ संकल्पित होकर काम कर रही है। सरकार की नीतियों की वजह से रक्षा क्षेत्र में , विशेषकर रक्षा उत्पादन में देश की आत्मनिर्भरता लगातार बढ़ रही है। मेरी सरकार की आस्था अंत्योदय के मूल मंत्र में है जिसमें सामाजिक न्याय भी हो , समानता भी हो , सम्मान भी हो और समान अवसर भी हों। मेरी सरकार की नीतियों की वजह से आज भारत उन देशों में है जहां इंटरनेट की कीमत सबसे कम है तथा स्मार्ट फोन की कीमत भी सबसे कम है। इसका बहुत बड़ा लाभ भारत की नौजवान पीढ़ी को मिल रहा है।
उक्त बातें महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज संसद के बजट सत्र के पहले दिन केन्द्रीय कक्ष में दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने दोनों सत्रों को संबोधित करते हुये कहा कि मैं देश के उन लाखों स्वाधीनता सेनानियों को नमन करता हूं , जिन्होंने अपने कर्तव्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और भारत को उसके अधिकार दिलाये। आजादी के इन 75 वर्षों में देश की विकास यात्रा में अपना योगदान देने वाले सभी महानुभावों का भी मैं श्रद्धा-पूर्वक स्मरण करता हूं। देश की सुरक्षा के बारे में राष्ट्रपति ने बताया कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ 83 एलसीए तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट के निर्माण हेतु अनुबंध किये गये हैं। सरकार ने ऑर्डिनेन्स फैक्ट्रियों को सात डिफेंस पीएसयू का रूप देने के लिये महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि हमने अपने पड़ोसी देश अफगानिस्तान में अस्थिरता और नाजुक हालात को देखा है, भारत ने इन परिस्थितियों में मानवता को सर्वोपरि रखते हुये ऑपरेशन देवी शक्ति को संचालित किया। हमने हमारे कई नागरिकों और कई अफगान हिन्दू , सिखज्ञ, अल्पसंख्यकों को काबुल से सफलतापूर्वक एयरलिफ्ट किया। अर्थव्यवस्था पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों से भारत एक बार फिर विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है। इस वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में 48 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आना , इसका प्रमाण है कि अंतर्राष्ट्रीय निवेशक भारत के विकास को लेकर आश्वस्त हैं।महामहिम ने कहा कि आजादी की लड़ाई में बापू के नेतृत्व में देश की चेतना का प्रतीक रही खादी एक बार फिर छोटे उद्यमियों का संबल बन रही है। सरकार के प्रयासों से वर्ष 2014 की तुलना में देश में खादी की बिक्री तीन गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि
सरकार गरीब की गरिमा बढ़ाने का काम कर रही है , दो करोड़ से अधिक पक्के घर गरीबों को मिले हैं। आवास योजना के तहत एक करोड़ से ज्यादा घर स्वीकृत किये गये हैं। पेय जल की व्यवस्था हुई , जिससे महिलाओं को राहत मिली , स्वामित्व योजना ये घर के कागज (प्रोपर्टी कार्ड) मिले जिससे विवाद कम हुये। राष्ट्रपति बोले बाबा साहेब ने कहा था कि मेरा आदर्श ऐसा समाज होगा जो स्वाधीनता , भाईचारे पर आधारित होगा। बाबा साहेब के शब्दों को सरकार ध्येय वाक्य मानती है। पद्म पुरस्कारों की जो लिस्ट आई उसमें यह दिखाई पड़ता है। उन्होंने कहा कि जनधन-आधार-मोबाइल अर्थात जेम ट्रिनिटी को मेरी सरकार ने जिस तरह नागरिक सशक्तीकरण से जोड़ा है , उसका प्रभाव भी हम लगातार देख रहे हैं। चवालीस करोड़ से अधिक गरीब देशवासियों के बैंकिंग सिस्टम से जुड़ने के कारण महामारी के दौरान करोड़ों लाभार्थियों को सीधे कैश ट्रांसफर का लाभ मिला है। उन्होंने कहा डिजिटल इंडिया और डिजिटल इकॉनमी के बढ़ते प्रसार के संदर्भ में देश के यूपीआई प्लेटफॉर्म की सफलता के लिये मैं सरकार के विजन की प्रशंसा करूंगा। दिसबंर 2021 में देश में आठ लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का लेन-देन यूपीआई के माध्यम से हुआ है। राष्ट्रपति कोविंद ने आगे कहा कि सरकार ने तीन तलाक को अपराध घोषित कर समाज को इस कुप्रथा से मुक्त करने की शुरुआत की है। इसके अलावा मुस्लिम महिलाओं पर केवल मेहरम के साथ ही हज यात्रा करने जैसे प्रतिबंधों को भी हटाया गया है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण मेरी सरकार की उच्च प्राथमिकताओं में से एक है। बेटे-बेटी को समानता का दर्जा देते हुये मेरी सरकार ने महिलाओं के विवाह के लिये न्यूनतम आयु को 18 वर्ष से बढ़ाकर पुरूषों के समान 21 वर्ष करने का विधेयक भी संसद में प्रस्तुत किया है। राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार के नीतिगत निर्णय और प्रोत्साहन से विभिन्न पुलिस बलों में महिला पुलिस-कर्मियों की संख्या में वर्ष 2014 के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किये गये प्रयासों के परिणामस्वरूप योग , आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2014 में आयुष उत्पादों का निर्यात 6600 करोड़ रुपये का था जो कि अब बढ़कर 11 हजार करोड़ रुपये हो गया। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि हमारी सरकार ने 8000 से अधिक जन-औषधि केंद्रों के माध्यम से कम कीमत पर दवाइयां उपलब्ध कराकर , ईलाज पर होने वाले खर्च को कम किया है। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा 64 हज़ार करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया गया प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इनफ्रास्ट्रक्चर मिशन एक सराहनीय उदाहरण है। इससे ना केवल वर्तमान की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी , बल्कि आने वाले संकटों के लिये भी देश को तैयार किया जा सकेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार की संवेदनशील नीतियों के कारण देश में अब स्वास्थ्य सेवायें जन साधारण तक आसानी से पहुंच रही हैं। 80 हजार से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स और करोड़ों की संख्या में जारी आयुष्मान भारत कार्ड से गरीबों को इलाज में बहुत मदद मिली है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कोरोना वायरस से उत्पन्न वैश्विक महामारी का ये तीसरा वर्ष है, इस दौरान हमने भारत के लोगों की लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था , अनुशासन और कर्तव्यपरायणता को और मजबूत होते देखा है। कोरोना के इस महासंकट में हमने बड़े-बड़े देशों में खाद्यान्न की कमी और भूख की परेशानी देखी है लेकिन मेरी संवेदनशील सरकार ने इस बात का पूरा प्रयास किया कि 100 साल के इस सबसे बड़े संकट में कोई गरीब भूखा ना रहे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत के सामर्थ्य का प्रमाण वैक्सीनेशन प्रोग्राम में नजर आया है। हमने एक साल से भी कम समय में 150 करोड़ से भी ज्यादा वैक्सीन डोज़ लगाने का रिकॉर्ड पार किया। आज हम पूरी दुनियां में सबसे ज़्यादा वैक्सीन डोज़ देने वाले अग्रणी देशों में से एक हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में 80 फीसदी किसान छोटे किसान ही हैं जिनका देश के विकास में अहम योगदान है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को एक लाख अस्सी हजार करोड़ रुपये दिये गये हैं। इस निवेश से कृषि क्षेत्र में आज बड़े बदलाव दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुराने संसाधन से भी नये रास्ते निकाले जा सकते हैं। इसके लिए हमारे अंदर इच्छाशक्ति होनी चाहिये। पूर्वोत्तर के विकास के लिये सरकार के प्रयासों तथा योजनाओं का उल्लेख करते हुये महामहिम ने कहा मेरी सरकार पूर्वोत्तर के सभी राज्यों – अरुणाचल प्रदेश , आसाम , मणिपुर , मेघालय , मिजोरम , नगालैंड , सिक्किम और त्रिपुरा के सतत विकास के लिये प्रतिबद्ध है। इन राज्यों में हर स्तर पर बुनियादी और आर्थिक अवसरों का विकास किया जा रहा है। रेल और हवाई कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं का सपना पूर्वोत्तर के लोगों के लिये अब साकार हो रहा है। यह देश के लिये गर्व का विषय है कि पूर्वोत्तर राज्यों की सभी राजधानियाँ मेरी सरकार के प्रयास से अब रेलवे के नक्शे पर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि ईटानगर के होलोंगी में एक नये एयरपोर्ट की स्थापना की जा रही है। हाल ही में त्रिपुरा राज्य के ‘महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट’ में एक नया और आधुनिक टर्मिनल खोला गया है। पूर्वोत्तर का यह विकास भारत की विकास यात्रा का एक स्वर्णिम अध्याय सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही 21 जनवरी को मेघालय , मणिपुर और त्रिपुरा की स्थापना के 50 साल पूरे हुये हैं। आज़ादी के 75 साल पूरे होने के साथ इन राज्यों की यात्रा भी हमें विकास के नये संकल्पों के लिए प्रेरित कर रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि पूर्वोत्तर में शांति स्थापना के लिये सरकार के प्रयासों को ऐतिहासिक सफलता मिली है। अभी कुछ महीने पहले ही कार्बी-आंगलोंग के दशकों पुराने विवाद को समाप्त करने के लिये केंद्र सरकार , आसाम की राज्य सरकार एवं कार्बी समूहों के बीच समझौता हुआ है। इससे इस क्षेत्र में शांति और खुशहाली का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आगे कहा कि सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तथा पूर्वोत्तर के विकास के लिये प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है। सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिये अनेक ठोस कदम उठाये हैं और इनका असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा सरकार द्वारा किये गये प्रयासों से आज देश में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 से घटकर 70 रह गई है।
बताते चलें कि संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। आज केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2021-22 का आर्थिक सर्वेक्षण लोकसभा में पेश की , आर्थिक सर्वेक्षण पेश होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही अगले दिन तक के लिये स्थगित कर दी गई। इससे पहले परंपरा के हिसाब से सत्र की शुरुआत महामहिम राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई। महामहिम ने 31 जनवरी से 11 फरवरी तक चलने वाले बजट सत्र के पहले चरण के अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियां गिनायी , वहीं देश की सुरक्षा , अर्थव्यवस्था एवं नक्सली प्रभावित क्षेत्रों एवं पूर्वोत्तर के विकास पर भी बात की। अब केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी मंगलवार को बजट प्रस्ताव पेश करेंगी। यह लगातार चौथा मौका होगा जब वित्तमंत्री के रूप में सीतारमण बजट पेश करेंगी।
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