सीताराम साहू श्याम को गुरु गोरखनाथ अलंकरण

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सीताराम साहू श्याम को गुरु गोरखनाथ अलंकरण

भुवन वर्मा बिलासपुर 13 फरवरी 2021

भिलाई । सामाजिक गौरव विकास समिति छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा निर्मल ज्ञान मंदिर कबीर आश्रम नेहरू नगर भिलाई में अष्टम सामाजिक समरसता सम्मान समारोह का आयोजन दिनांक 31.01. 2021 को किया गया। जिस के मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉक्टर ममता चंद्राकर लोक गायिका एवं कुलपति संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़, अध्यक्षता डॉ आर आर साहू प्राचार्य लॉ कॉलेज दुर्ग ,विशेष अतिथि डॉ किरण पाल प्राचार्य उच्च शिक्षा छत्तीसगढ़ शासन, स्वागत अध्यक्ष निर्मल ज्ञान मंदिर के अध्यक्ष प्रमुख ट्रस्टी डॉ हीरालाल साहू थे। ततपश्चात अतिथियों का सम्मान पुष्प माला, शाल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र से किया गया। संयोजक डॉ सुखदेव राम साहू सरस ने आधार वक्तव्य देते हुए इस सम्मान में साहित्यिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, क्रीड़ा ,समाज सेवा,धार्मिक, चिकित्सा, कृषि, पर्यावरण एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को शामिल किए जाने की बात कही तथा असाधारण प्रतिभा वान लोगों को तलाश कर सम्मानित करने के संकल्प को व्यक्त किया। पाठक परदेसी द्वारा रचित दो बाल कविता संग्रह गीत मधुर गाया और फूलों का गांव तथा श्री जगदीश हीरा कृत कर्मा चालीसा कृतियों का विमोचन किया गया। सर्वप्रथम अलंकृत व्यक्तित्व के क्रम में सुप्रसिद्ध कवि, समीक्षक, लोक गायक, उद्घोषक, सेवानिवृत्त प्राचार्य सीताराम साहू ‘श्याम, पैरी को श्रेष्ठ अलंकरण गुरु गोरखनाथ अलंकरण सम्मान प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ ममता चंद्राकर के हाथों से प्रदान किया गया । राज्य स्तरीय यह सम्मान प्रतिवर्ष किसी एक विशिष्ट व्यक्तित्व को प्रदान किया जाता है। रेख राम साहू पिपरौद ने सीताराम साहू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का वाचन किया। इसी क्रम में संपूर्ण छत्तीसगढ़ से विविध क्षेत्रों के ख्याति प्राप्त 59 व्यक्तियों को सामाजिक समरसता सम्मान प्रदान किया गया, जिसमें 49 साहू समाज के तथा 14 अन्य सामाजिक बंधु गण रहे । इसमें सालिक राम, तामेश्वर लाल, माखनलाल, रमेश भारती, मोतीलाल साहू ,यशवंत देवान, इंजीनियर रामनाथ, अनिल कुमार गजपाल, राघवेंद्र राज, चंपा साहू, राजू साहू कन्हैया साहू अमित, कैलाश साहू, चंद्रहास साहू ,दुर्गा ,यज्ञांति, पाठक परदेसी ,शिव कुमार वर्मा ,शीतल प्रसाद शर्मा, मुन्नालाल देवदास, कुलेश्वरी धुरंधर , श्रीमती आशा ध्रुव, सागर फरिकर, राजेश कहार, पलटन साहू प्रमुख रहे। इस अवसर पर इन व्यक्तित्व के परिचय पर आधारित सामाजिक अभिनंदनावली का विमोचन माननीय अतिथियों के कर कमलों से संपन्न हुआ। जिसके प्रकाशक श्रीमती उमा बाई साहू समाज गौरव प्रकाशन कुशालपुर रायपुर हैं। गोष्ठी में डॉ सरिता साहू एवं श्री कन्हैया साहू ने अपने विचार आलेख एवं कविता के माध्यम से व्यक्त किया। मुख्य अतिथि डॉक्टर ममता चंद्राकर ने अपनी कला यात्रा में संघर्ष की महत्ता प्रतिपादित कर कम मेहनत और अधिक सफलता की आशा से दूर रहने की सलाह दी साथ ही लोकगीतों को प्रकाश में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साहू समाज के इस अभिनव प्रयास की जी भर प्रशंसा की । अपना एक प्रसिद्ध गीत गाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में अधिवक्ता प्रोफ़ेसर आरआर साहू ने सभी सम्मानित जनों को बधाई देकर सामाजिक गौरव को बनाए रखने का आह्वान किया। विशेष अतिथि डॉ किरण गजपाल ने ऐसे गरिमामय आयोजन को निरंतर जारी रखने तथा विविध क्षेत्रों के उदीयमान एवं स्थापित प्रतिभाओं से समाज को रूबरू कराने के इस प्रयास की सराहना की। सीताराम साहू श्याम ने लोकगीतों लोक साहित्य में जीवन के गूढ़तम रहस्यों के छिपे होने की बात बताई और कला साधकों को ऐसे लोग साहित्य की खोज करने की आवश्यकता पर बल दिया । इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि हमारी मुख्य अतिथि इसी तरह के पारंपरिक गीतों को उजागर करने की मुहिम में बचपन से लगी हुई है । हाय डारा लोर गे हे के गीत के बारे में जार्ज ग्रियर्सन का उल्लेख करते हुए 102 वर्ष पुरानी इस रचना को उनके शोध में छत्तीसगढ़ के लोकगीत के रूप में उल्लिखित होने का जिक्र किया। इस अवसर पर हरिभूमि चौपाल के संपादक दीनदयाल साहू, ट्रस्टी गन रामाधार साहू, आत्माराम साहू ,प्रमोद कुमार साहू, चाणक राम साहू ,नवल कौमार्य सहित सैकड़ों बुद्धिजीवी कलाकार समाजसेवी साहित्यकार उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन डॉ हीरालाल साहू ने किया । सीताराम साहू को गुरु गोरखनाथ अलंकरण मिलने पर सरस साहित्य समिति गुंडरदेही के अध्यक्ष द्रोण सार्वा, संरक्षक विश्राम चंद्राकर, केशव राम ,गजपति राम, रमेश यादव, कृष्ण कुमार दीप, माखन लाल साहू, शिव कुमार अंगारे, तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्यकारी अध्यक्ष एवं मानस मंजूषा के प्रधान संपादक जगदीश देशमुख, अथक परिवार दुर्ग, के पी आर साहू ,संस्कृति कर्मी पुसन कुमार साहू ,चंदैनी गोंदा के प्रथम उद्घोषक तथा सीताराम जी के गुरु डॉ सुरेश देशमुख सहित उनके इष्ट मित्रों ने बधाई दी एवं उनकी कला और साहित्य साधना का परिणाम बताया। इसके पूर्व भी श्री साहू को राज्यपाल राष्ट्रपति एवं अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

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